Nike कैसे सफल हुआ ?
Nike, आज दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट् ब्रांड्स में से एक है। 1964 में फिल नाइट और बिल बाउरमैन ने इसकी शुरुआत “ब्लू रिबन स्पोर्ट्स” नाम से एक कंपनी शुरूआत कि जिसका बाद में नाम Nike पड़ा। आज Nike एक ग्लोबल पॉवरहाउस बना चुका है जिसका विज़न है हर एथलीट का प्रेरणा और और नवाचार प्रदान करना।”
Nike की सफलता की कहानी
Nike ने एक छोटी-सी शू डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के रूप में अपने जर्नी की शुरुआत किया इसकी पहली सफलता तब मिली जब उन्होंने जापानी ब्रांड Onitsuka Tiger के जूते अमेरिका में बेचना शुरू किया लेकिन इसकी सबसे बड़ी सफ़लता तब मिला जब Nike ने खुद के प्रोडक्ट बनाना शुरू किया अपने इनोवेशन और परफॉर्मेंस से 1980 के दशक तक Nike अमेरिका में मार्केट लीडर बन गया और इसके बाद उसने दुनियाभर में विस्तार शुरू कर दिया।
वो मुख्य रणनीतियाँ, जिन्होंने Nike को टॉप तक पहुंचाया
1. ब्रांडिंग और भावनात्मक मार्केटिंग
Nike सिर्फ़ एक प्रॉडक्ट नहीं बेचता है बल्कि वे अपने प्रॉडक्ट से एक इमोशन बेचते है वह अपने प्रॉडक्ट से भावना बेचता है जो कस्टंबर को इंस्पायर करता है जिससे ग्राहक आसानी से कॉन्टेक्ट कर पाते है जिसे Just Do It” जैसे नारे लोगों को प्रेरित करते हैं वे अपने हर कैंपेन में एक इमोशनल कनेक्शन बनता है
2. इंफ्लुएंसर और सेलेब्रिटी एंडोर्समेंट
Nike कि सक्सेस का सबसे बड़ा स्ट्रैटेजी यह रही कि वे इंफ्लुएंसर और सेलेब्रिटी कि पावर को अच्छे तरह से जानता था वे ख़ुद एक एथलीट्स रहा चुके थे इसलिए वे जानते थे बड़े एथलीट्स और सेलेब्रिटी के साथ साझेदारी करेंगे तो मार्केटिंग बढ़िया से होगा और ग्राहक अपने ideal को देखाकर प्रॉडक्ट खरीदेंगे और फ़िर इसके बाद इन्होने माइकल जॉर्डन के साथ Air Jordan को लॉन्च किया जो इतिहास बना गया ये सबसे ज्यादा बिकने वाला मै से एक बना गया और धीरे धीरे टाइगर वुड्स, सेरेना विलियम्स, क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे लीजेंड्स Nike का चेहरा बने। जिससे इनका सीधा असर ब्रांड वैल्यू और बिक्री पर हुआ।
3 . डिजिटल परिवर्तन और ई-कॉमर्स
Nike ने हर तरह से ख़ुद को शुरुआत से अपडेट करते रहा वे हर तरह से अपडेट रखता था वे जानते थे कि अगर कंपनी को तेज़ी से आगे बढ़ना है तो हर पहलू को गहराई से जानना होगा और उसे अपने बिज़नस मै उतरना होगा Nike ने हर जगह से ग्राहक को जुड़ने को कोशिश किया और Nike ने Digital युग को पूरा फायदा उठाया उन्होंने वेबसाइट और ऑनलाइन स्टोर खुला जिससे उनकी सेल्स जबरदस्त बढ़ने लगा इसके ऐप Nike Run Club और Nike Training Club से सीधे जुड़ने लगें। ई-कॉमर्स होने से हर कोई आसनी से प्रॉडक्ट खरीदा पता था जिससे इनकी ग्रोथ और तेज़ी से हुआ।
4. वैश्विक विस्तार की रणनीति
Nike हर देश के स्थानीय कल्चर और ज़रूरतों को समझकर रणनीति बनाता है चीन, यूरोप और भारत जैसे बाज़ारों में उन्होंने अलग-अलग कैंपेन चलाए, जो बहुत ही सफल रहे।
