भारत के ऐसे स्टार्टअप जिन्होंने बिना इन्वेस्टमेंट के करोड़ों कमाए ?

भारत के ऐसे स्टार्टअप जिन्होंने बिना इन्वेस्टमेंट के करोड़ों कमाए?

 Zerodha – भारत का टॉप स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म: मैं से एक 

फाउंडर -नितिन कामथ और भाई निखिल

कैसे शुरू हुआ Zerodha शुरुआत की पूरी कहानी ?

नितिन कामथ ने कॉलेज के दिनों से ही स्टॉक मार्केट में रूचि था शुरुआत में उन्होंने ब्रोकर के रूप में काम करता था उनके बाद उनसे ये महसूस हुआ कि भारत मै ट्रेंडिंग और इन्वेस्टिंग कि प्रक्रिया बहुत ही कठिन और जटिल है। 

उनके बाद उनसे ये समझा आया कि भारत मै रिटेल निवेशकों सही जानकारी और कम कीमत वाल सर्विसेज की ज़रूरत है Zerodha की शुरुआत 2010 में नितिन कामथ और उनके भाई निखिल कामथ ने की थी। लेकिन इसकी नींव तब रखी गई थी जब नितिन खुद एक ट्रेडर के रूप में बाजार में संघर्ष कर रहे थे फ़िर उन्होंने सोचा कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए जहां कम कीमत में सारा सर्विस बेहतर से मिले उसके बाद उन्होंने 2010 मै Zerodha को लॉन्च किया उन्होंने यह बिना किसी बाहरी इन्वेस्टमेंट के बिना किया उनका सपना था कि भारत मै ट्रेडर्स को सबसे कम चार्ज मै ब्रोकरेज का सर्विस देना Zerodha ऐसा पहला था जिसने Zero Brokerage on Investments लॉन्च किया उनको बहुत सारे परेशानियां का सामना करना पड़ क्योंकि भारत मै पहले ही बड़े ब्रोकर मौजूत थे परेशानियां आने के बाद भी वह अपने कॉन्सेप्ट पर टिके रहे मार्केटिंग के लिए पैसे नहीं होने के करना उन्होंने word-of-mouth (यानी ग्राहकों की सिफारिशों) से ग्रोथ करने का तरीका अपनाया। धीरे धीरे Zerodha के फ़्यूचर ट्रेडर्स और टेक्नोलॉजी-सेवी निवेशकों को पसंद आने लगा 2019 मैं kite नामक एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिसने ब्रोकिंग इंडस्ट्री में क्रांति ला दी उन्होंने अपने ऐप और वेबसाइट को पूरा यूज़र फ्रैंडली बनाया था जिससे यूज करने मै कोई समस्या नहीं हो रहा था उन्होंने Algo Trading, API Trading जैसी सुविधा लॉन्च किया जिससे प्रोफेशनल ट्रेडर्स भी उनसे जुड़ने लगें उन्होंने बहुत सारे सुविधा जुड़े जो कोई और ब्रोकर नहीं दे नहीं दे रहा था यही करना है कि आज Zerodha भरता का सबसे बड़ा ब्रोकर कंपनी मै से एक है।

 Zoho – भारत का अग्रणी SaaS (Software as a Service) प्लेटफॉर्म, जिसने ग्लोबल बिज़नेस सॉल्यूशंस में क्रांति लाई

founder- Sridhar Vembu

श्रीधर वेम्बू ने 1996 मै AdventNet Inc. के नामक एक कंपनी शुरू किया जिसका नाम बाद में Zoho रखा 

उन्होंने देखा कि छोटे बिज़नेस के लिए सस्ता और आसान सॉफ्टवेयर मिलना बहुत ही मुश्किल होता है ज्यादा कीमत होने के कारण बहुत व्यापारी नहीं ले पा रहा है उस समय मार्केट में जो कंपनी था वह बहुत ज्यादा महंगा होता था जो छोटी कंपनिया और स्टार्टअप्स इन्हें अफोर्ड नहीं कर पाते थे।

उस समय सभी strapup कहीं ना कहीं से बिज़नस बढ़ने के लिए कही न कहीं से फंडिंग ज़रूर लेता था उन्होंने बिना कोई फंडिंग लिए बिलियन डॉलर का कंपनी बना दिया यह इसलिए हुआ क्योंकि यह उन सभी चुनौतियों से लड़ जो साधरण लोग देखा कर तुंरत छोड़ देता है यह लगातार कंसिस्टेंसी के साथ डटे रहे लेकिन यह सफर उसके लिए बहुत मुश्किल भरा रहा यह शुरुआत आसान नहीं थी क्योंकि इसके पास कोई बाहरी फंडिंग नहीं था फंडिंग नहीं होने के करना हर चीज़ ख़ुद से करना पड़ता था पहले यह सिर्फ नेटवर्किंग सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी था फ़िर उन्होंने इसे बिज़नस सॉफ्टवेयर कि ओर आगे बढ़ाया।




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