Samsung की पुरी History

   Samsung की पुरी History

           Samusng की शुरुआत


 Samsung की शुरुआत 1 मार्च 1938 को दक्षिण कोरिया के ताएगू (Daegu) शहर में हुआ था । इसे ली ब्यूंग-चुल (Lee Byung-chul) ने एक छोटी ट्रेडिंग कंपनी के रूप में शुरू किया था । 

छोटी ट्रेडिंग कंपनी का मतलब है की जो कंपनी वस्तुओं का खरीद और बिक्री करती है, ऐसी कंपनी जो खुद कुछ उत्पादन ( manufacturing ) नहीं करती है बल्कि उत्पादकों ( producers ) से खरीद कर ग्राहक और बड़े बिजनेसमैन तक पहुंचाते हैं । 

शुरुआती दौर में samsung कंपनी, जब यह एक छोटी ट्रेडिंग कंपनी थी, जब samsung की शुरुआत हुई थी तब यह कंपनी सूखी मछली, नूडल्स, अनाज (Rice, Wheat) और रोजमर्रा की चीजें बेचती थी । ली ब्यूंग-चुल इन सामानों को साउथ कोरिया के छोटे व्यापारियों और किसानों से खरीद कर चीन और अन्य देशों में भेजते थे । शुरुआत में ली ब्यूंग-चुल ने samsung कंपनी को बहुत ही कम लागत से शुरू किया था । शुरुआत में यह एक बहुत ही छोटी ट्रेडिंग कंपनी थी फिर बाद में ट्रेडिंग कंपनी से टेक्नोलॉजी की ओर कन्वर्ट हो गया।

                     ली ब्यूंग-चुल 

ली ब्यूंग-चुल का जन्म उर्योंग काउंटी (Uiryeong County), ग्योंगसांग प्रांत, कोरिया में एक अमीर जमींदार परिवार में हुआ था । उनका परिवार एक जमींदार थे । इसलिए उनके पास काफी जमीनें थी। इसलिए ली ब्यूंग-चुल को एक अमीर जमींदार परिवार के नाम से जाना जाता है । लेकिन उन्होंने samsung की स्थापना बहुत ही कम लागत से की थी और अपने दम पर samsung को दुनिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी कंपनी में से एक बनाया।

           Samsung की पुरी History 

1953 में जब कोरियन वार, नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच हो रहा था । जिसमे नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया विभाजित हो गया । (North Korea) – कम्युनिस्ट शासन (सोवियत संघ और चीन समर्थित) और दक्षिण कोरिया (South Korea) – लोकतांत्रिक शासन (अमेरिका और UN ) में विभाजित हो गया । उस वक्त samusung के संस्थापक ली ब्यूंग-चुल north Korea में रहते थे लेकिन north korea और साउथ कोरिया का विभाजन होने के बाद "ली ब्यूंग-चुल" साउथ कोरिया में चले गए क्योंकि साउथ कोरिया पुरी तरह से लोकतांत्रिक देश के अन्दर आता था।

साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के विभाजन होने के बाद "ली ब्यूंग-चुल" ने 1953 में कोरियन वॉर (1950-1953) के बाद, Cheil Industries नाम की एक कंपनी स्थापित की, जो टेक्सटाइल और सिंथेटिक फाइबर का निर्माण करती थी। फिर 1954 तक samsung ने सबसे बड़ी टेक्सटाइल मिल बनाई और यहीं से samsung की रफ्तार में तेजी आई । और इसी रफ्तार के साथ samsung ने काफी सारे उद्योग शुरू किया जैसे - 1958 में samsung ने Samsung Fire & Marine Insurance नाम से बीमा कंपनी शुरू की, 1962 में Samsung Life Insurance, 1963 में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में भी कदम रखा,  

(1969-1970 ) के दशक में samsung ने कंस्ट्रक्शन और भारी उद्योग में अपना कदम रखा जिसमें मुख्य उत्पादक जहाज निर्माण, भारी मशीनरी, और केमिकल्स थे । फिर अंततः 1969 के दशक में samsung ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में प्रवेश किया 1969 से लेकर आज तक, सैमसंग ने टीवी, सेमीकंडक्टर, स्मार्टफोन, डिस्प्ले और होम अप्लायंसेस में जबरदस्त इनोवेशन किया है। और आज, samsung इलेक्ट्रॉनिक्स दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है।

एक छोटी से ट्रेडिंग कंपनी से ली ब्यूंग-चुल ने samsung को samsung ग्रुप बना दिए

आज सैमसंग ग्रुप के अलग-अलग उद्योग के अंदर अलग-अलग बहुत सारी कंपनियां आती है ।

ली ब्यूंग-चुल पूरे 77 साल जीवित रहे है और अंततः 19 नवंबर 1987 को उनका मृत्यु हो गया उनके मृत्यु के तुरंत बाद सैमसंग ग्रुप को उनके बेटे (Lee Kun-hee) ने सैमसंग का नेतृत्व को संभाला । फिर ली कुन-ही ने सैमसंग को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाया, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स और मोबाइल इंडस्ट्री में । और आज samsung का मार्किट कैप 266.58 बिलियन डॉलर है, जो इसे दुनिया की 41वीं सबसे मूल्यवान कंपनी बनाता है। 

Samsung की न्यू मैनेजमेंट रणनीति (1993)

ली कुन-ही ने 1993 को samsung की न्यू management रणनीति तैयार की जिसे "new management initiative" कहा जाता है । ली कुन-ही ने अपने कम्पनि के कर्मचारियों से कहा कि वे हर चीज़ में बदलाव करें, चाहे वह सोचने का तरीका हो, काम करने की शैली हो या प्रोडक्ट क्वालिटी—बस अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर सब कुछ बदल दें । Samsumg पहले कम लागत वाला प्रोडक्ट बनता था लेकिन इस new management initiative के तहत samsung ने प्रॉडक्ट के price ko बढ़ाया । high-quality, innovative और premium पर फॉक्स किया । 1995 में ली कुन-ही ने 150,000 मोबाइल फोन और अन्य डिवाइसेस को जला दिया, ताकि कर्मचारियों को दिखाया जा सके कि लो-क्वालिटी प्रोडक्ट्स अस्वीकार्य हैं। 

ली कुन-ही ने सारे प्रोडक्ट को हटाकर कुछ महत्वपूर्ण और गिने-चुने प्रोडक्ट पर फोकस किया और उसके क्वॉलिटी और डिज़ाइन पर फॉक्स करके उसके price को high कर दिया । इसको हम स्टीव जॉब्स के एग्जांपल से बेहतर तरीक़े से समझते हैं 1997 में जब एप्पल कंपनी दिवालिया होने के कगार पर था तब स्टीव जॉब्स को वापस बुलाया गया फिर स्टीव जॉब्स ने कंपनी के 70 % प्रॉडक्ट को बंद कर दिया और कुछ गिने-चुने प्रोडक्ट पर फोकस किया । प्रोडक्ट के डिजाइन को सिंपल रखा, उसकी क्वालिटी पर फोकस किया और price को high रखा उसके बाद एप्पल कंपनी दुनिया का सबसे बेस्ट क्वालिटी वाला प्रॉडक्ट और महंगा ब्रांड बन गया।

ली कुन-ही ने न्यू मैनेजमेंट रणनीति के तहत प्रोडक्ट क्वालिटी पर जोड़ दिया, टेक्नोलॉजी और डिजाइन में सुधार किया, टैलेंट डेवलपमेंट और लीडरशिप ट्रेनिंग की, प्रोडक्ट के प्राइस को high किया और फालतू प्रोडक्ट को हटाकर कुछ गिने-चुने प्रोडक्ट पर फोकस किया और यहीं से कंपनी की ग्रोथ और भी ज्यादा तेज हो गई।

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