कैसे दो दोस्तों ने मिलकर भारत की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी ( Zomato ) कंपनी बनाई ।
Zomato की शुरुआत कैसे हुई ?
दीपिंदर गोयल ( Deepinder goyal ) और पंकज चड्ढा ( pankaj chaddah ) ने Zomato की शुरुआत की थी । दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा की मुलाकात IIT Delhi (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली) में हुई थी । वे दोनों बिजनेस माइंडसेट वाले लोग थे इसलिए दोस्त बन गए । दीपिंदर गोयल ( Deepinder goyal ) और पंकज चड्ढा ( पंकज चड्ढा ) ने IIT Delhi से B.Tech किया । दीपिंदर ने Mathematics and Computing में और पंकज ने टेक्निकल फील्ड में अपनी डिग्री कंपलीट की । अपनी कॉलेज कंप्लीट करने के बाद दोनों ने "Bain & Company", एक मल्टीनेशनल मैनेजमेंट कंसल्टिंग कंपनी में जॉब कर रहे किया जिसका हेडक्वार्टर अमेरिका में है । ये कंपनी दुनिया की टॉप कंसल्टिंग फर्म्स में गिनी जाती है, जैसे McKinsey और BCG के साथ ।
इस कंपनी में दीपिंदर गोयल ( Deepinder goyal ) और पंकज चड्ढा ( पंकज चड्ढा ) को क्लाइंट्स के लिए स्ट्रेटेजी बनाना, डेटा एनालिसिस करना, और बिजनेस प्रोसेस को सुधारना जैसी जिम्मेदारियाँ मिली थीं । "Bain & Company" में वहां के employee के लिए सबसे बड़ी परेशानी थी की ऑफिस में हर दिन लंच टाइम में कर्मचारियों को कैफेटेरिया में जाकर रेस्टोरेंट के मेनू कार्ड्स को देखना होता था ऑफिस में जब कोई खाने का ऑर्डर करना चाहता तो सबसे पहला समस्या होता था की
मेन्यू कार्ड कहां है अगर किसी एक के पास कार्ड होता, तो सबको लाइन लगानी पड़ती थी मेन्यू देखने के लिए ।
ये कार्ड्स अक्सर वहां से गायब हो जाते थे या फिर लोग उन्हें अपने पास रख लेते थे।
इससे हर दिन एक ही दिक्कत होती थी की आज क्या खाएं , मेनू है नहीं, ऑर्डर कैसे करें , वहां की कर्मचारियों का काफी समय इसमें बर्बाद हो जाता था और इस चीज को देखकर दीपिंदर गोयल ( Deepinder goyal ) और पंकज चड्ढा ( पंकज चड्ढा ) को Zomato का खयाल आया । उन दोनों ने सोचा कि अगर हम इन सभी मेनू कार्ड्स को स्कैन करके ऑनलाइन डाल दूं, तो सारे एंप्लॉयी आराम से देख सकते हैं । किसी को कार्ड की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी । इसके लिए उन दोनों ने एक छोटी सी वेबसाइट बनाई Foodiebay.com, यह लगभग 2008 की बात है । वहां के कर्मचारियों को यह वेबसाइट बहुत अच्छी लगी क्योंकि अब रेस्टोरेंट का मेनू कार्ड एक वेबसाइट में लिस्ट थी , लंच टाइम में वहां के कर्मचारियों का समय बर्बाद नहीं होता था कि क्या खायेंगे, मेनू कार्ड कहां है वगैरा-वगैरा , 2008 के अंत तक दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने देखा कि यह एक छोटा सा आईडिया एक बहुत बड़ा बिजनेस बन सकता है उन्होंने डिसाइड किया कि इसे हमें सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं रखना है क्योंकि फ्यूचर में यह एक बिलियन डॉलर वैल्यूएशन की कंपनी बनने वाली है अगर हमने इसे एक्सपेंड करने का कोशिश किया तो ।
उन्होंने वेबसाइट को पब्लिक के लिए ओपन कर दिया । शुरुआत में वेबसाइट ने दिल्ली के रेस्टोरेंट्स के मेनू, रिव्यू, रेटिंग्स आदि देने शुरू किया उन्होंने बहुत सारी feature add किए । शुरुआत में zomato ने दिल्ली को cover किया लेकिन धीरे-धीरे mumbai, banglore, जैसे सिटी को cover किया । 2010 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा foodiebay.com का नाम बदलकर zomato कर दिया । धीरे-धीरे zomato ने मेन्यू के अलावा food deliver जैसे इन्नोवेशन किया और यूज़र्स सिर्फ रेस्टोरेंट और मेन्यू नहीं देखते थे, ऑर्डर भी कर सकते थे । उन्होंने भारत के आलावा इंटरनेशनल लेवल पर भी फॉक्स किया और एक्सपैंड किया और आज zomato एक यूनिकोन कंपनी बन चुका है आज zomato का valluation लगभग 24 billion dollar है ।
