कैसे facebook को मजाक-मजाक में मार्क जुकरबर्ग ने बनाया।
मार्क जुकरबर्ग और उनके दोस्तों ने मिलकर फेसबुक को कैसे मजाक मजाक में बना दिया
मार्क जुकरबर्ग बचपन में एक बहुत ही ज्यादा शरारती बच्चे थे लेकिन ब्रिलिएंट भी थे मार्क जुकरबर्ग को टेक्नोलॉजी प्रोग्रामिंग और नए इनोवेशन में बहुत ही ज्यादा शौक था । कई बार मजाक मजाक में ऐसे काम कर जाते थे जिससे उनको बहुत ही ज्यादा शाबाशी मिलता था और इसी मजाक मजाक में मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को बना दिया । जब मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को बनाया था तब वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे । मार्क जुकरबर्ग introvert बच्चे थे । वह हमेशा घंटों तक कोडिंग करने में लगे रहते थे । मार्क जुकरबर्ग ने बचपन से ही कोडिंग शुरू कर दिया था और कॉलेज में भी घंटो तक बैठ कर coding किया करते थे अपने इसी कोडिंग को परखने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में facemash ( 2003 ईस्वी ) बनाया । Facemash एक ऐसा online platform था जिसमें दो लोगों के तस्वीर को अपलोड करके उनके attractivness को compare किया जा सके । मार्क जुकरबर्ग ने कॉलेज से स्टूडेंट के तस्वीरों को चोरी करके facemash को बनाया था जो एक कानूनी जुर्म था । और इसलिए फेस मास्क को कानून को ध्यान में रखते हुए बंद करना पड़ा । Facemash से एक ऐसा प्लेटफॉर्म था जिस पर दो व्यक्तियों के अट्रैक्टिव को कंपेयर किया जा सके इसलिए कॉलेज को लगा कि यह प्लेटफॉर्म आगे चलकर विवाद खड़ा कर सकता है इसलिए इसको बंद करना ही सही होगा । मार्क जुकरबर्ग को इसके लिए कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा । 2004 में मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को बनाया । उनके दिमाग में ख्याल आया कि हमारे कॉलेज में एक ऐसा online platform होना चाहिए जहां हम सारे कॉलेज स्टूडेंट दूर रहकर भी एक दूसरे से कनेक्ट हो सकें । और अपने-अपने फोटो वीडियो को शेयर कर सके । मार्क जुकरबर्ग ने the Facebook नाम से एक प्लेटफार्म बनाया अपनी कॉलेज के लिए ताकि कॉलेज के सारे लोग एक दूसरे से कनेक्ट हो सके हमेशा के लिए उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यह प्लेटफार्म एक दिन दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में से एक बन जाएगा । 2004 में मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक को बनाया और 2004 के अंत तक ही फेसबुक में लगभग एक मिलियन यूजर ज्वाइन हो गए 2004 में मार्ग शुक्रवार और दोस्तों जिन सबने मिलकर Facebook बनाया था सारे लोग कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली चले गए और वहां पर फेसबुक को एक कंपनी के रूप में रजिस्टर करवाया । मार्क जुकरबर्ग ने की जान से मेहनत की और फेसबुक को दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफार्म में से एक बना दिया।
