OkCredit success story

             OkCredit success story 


हर्ष पोखरन आज एक सफल उद्यमी और (OkCredit) के सह-संस्थापक के रूप में पहचाने जाते हैं। लेकिन इसका यह sucees कुछ बड़े और होशियार बिजनेस डिसीजन का नतीजा है। उनकी सोच ने न सिर्फ उनके स्टार्टअप को ग्रोथ दी, बल्कि भारतीय व्यापारियों की डिजिटल यात्रा को भी आसान बनाया।

1.  failure का डर छोड़ और अनुभव से सिखा।

हर्ष का पहला कंपनी Clanout था लेकिन लॉन्च करने के बाद फ्लॉप हो गया 
इस असफलता से उनसे ये समझा आया  कि एक अच्छा प्रॉडक्ट बनना काफ़ी नहीं बल्कि मार्केट डिमांड को जानना जरूरी है
इसके बाद उन्होंने छोटे छोटे प्रॉजेक्ट पर काम करने लगा। और test करने लगा इससे उन्हें बहुत ज्यादा सीखा मिला
और उन्हें ये समझा में आया कि बिज़नस और स्टार्टअप में failure को नुकसान नहीं बल्कि उन्हें data समझने चाहिए।

2. फ्री में वैल्यू दो, फिर पैसा कमाओ।

उन्होंने जब OkCredit लॉन्च किया। तब उन्होंने इसे पूरे तरह से free कर दिया जिससे बहुत सारे customer जुड़ने लगें और जब ज्यादा customer जुड़ने लगे तब उन्होंने प्रीमियम और फंडिंग के ज़रिए इनकम के रास्ता बनाया जिससे लाखों व्यापारी को इस प्लेटफॉर्म से फायदा मिलने लगा 

3. सबसे पहले ग्राहक की मानसिकता बदलो।

भारत के छोटे व्यापारी Digital payment और Digital Accounting को लेकर जानकारी नहीं होने के करना डरे हुए थे।
हर्ष ने न सिर्फ एक ऐप बनाया बल्कि ग्राउंड लेवल पर जाकर व्यापारियों को पूरा जानकारी बताया जिससे व्यापारियों विश्वाश बना
उन्होंने स्थानीय भाषा में आसान और भरोसेमंद डिजिटल समाधान दिया, जिससे लोग इसे अपनाने लगे।

4. उन्होंने एक प्रोटेक्ट नहीं बल्कि एक पूरा ईकोसिएटम बनाया।

 हर्ष ने व्यवसाय मैं हो रहे लेना देना की समस्या को बहुत क़रीब से देखा कि छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों को लेन-देन का कागज़ों में हिसाब रखना बहुत मुश्किल हो रहा है उन्होंने देखा कि कागज़ों को खो जाने या आग एवं पानी से ख़राब होने, ग़लती से फटा जाने पर हमेशा के लिए data मिटा जाता है और अगर एक बार ख़राब हो जाए तो कोई बैकअप नहीं फ़िर उसे वापस नहीं लाया जा सकता है और इसमें समय और मेहनत ज्यादा लगता है हिसाब ढूंढने में मुश्किल हो जाता है और अगर जोड़-घटाव में अगर ग़लती हो जाए तो नुकसान भी जो जाता है।
इन सभी को देखते हुए उन्होंने ऐप को पूरा custmber के हिसाब से डिज़ाइन किया जिसमें उन्होंने बेहतरीन फीचर्स दिए 

.इसमें बिलिंग, रिमाइंडर और उधारी ट्रैकिंग जैसी कई सुविधाएँ जोड़ दिया 
. ग्राहकों को उधारी और पेमेंट डिजिटल रिकॉर्ड रखा सकते है
.SMS रिमाइंडर अगर कोई custmber उधारी पैसे नहीं दिए है तो रिमाइंडर के ज़रिए पैसे को आसानी से रिकवरी प्राप्त कर सकते है 
. ऑटो बैकअप सिक्योरिटी,मल्टी-डिवाइस एक्सेस,फ्री और ऑफलाइन वर्किंग,बिजनेस रिपोर्ट और एनालिटिक्स,बैंक अकाउंट और UPI इंटीग्रेशन,मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट,बिजनेस ग्रोथ के लिए सपोर्ट।
 हर्ष ने एक ऐसा डिजिटल  ईकोसिएटम बनाया, जिससे ग्राहक एक बार ऐप पर आने के बाद इसकी सुविधाओं, ऑटोमेशन और डेटा सिक्योरिटी के कारण हमेशा के लिए जुड़ जाते हैं।

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