Assets और Liabilities क्या होता हैं जाने डिटेल्स में
Assets (संपत्ति) क्या होती है?
Assets कंपनी के पास जो चीज़ें हैं, जिनसे उसे भविष्य में फायदा मिलेगा यानी, कंपनी के पास जो पैसा, ज़मीन, मशीन, सामान, या कोई और चीज़ है, जिसका इस्तेमाल करके वह कमाई कर सकती है वो सब Assets में आता है।
Simple Example:
Cash (नकद पैसा)
Building (इमारत)
Machines (मशीन)
Stock (गोदाम में रखा माल)
Customers से मिलने वाला पैसा (Accounts Receivable)
क्यों ज़रूरी है?
किसी भी कंपनी के पास जितना ज्यादा Assets होता है उतना अधिक अच्छा समझा जाता है जितना अधिक कंपनी के पास संपत्ति होता है उतना तेज़ी से ग्रोथ मिलने का पोटेंशियल होता है यह कंपनी कि सबसे बड़ी ताक़त होती है कंपनी के पास Cash (नकद) या Bank Balance होने रोज़मर्रा के खर्च जिसे स्टाफ की सैलरी, बिल, बिजली, कच्चा माल खरीद, ट्रांसपोर्ट आसनी से दे सकता है जिससे कंपनी को आगे बढ़ाने में रूकावट नहीं होता है उस कंपनी को बढ़िया समझा जाता है
Liabilities (देनदारियाँ) क्या होती है?
Liabilities का मतलब है कंपनी पर जो जिम्मेदारियाँ या कर्ज़ हैं, जिन्हें उसे चुकाना है यानी, कंपनी ने किसी से उधार लिया है, लोन लिया है, या किसी को पैसा देना बाकी है वो सब Liabilities होती हैं।
Simple Example:
Bank Loan (बैंक से लिया कर्ज़)
Supplier का पैसा (जो सामान दिया है, उसका पेमेंट बाकी है)
Salaries (कर्मचारियों की बकाया तनख्वाह)
Tax (सरकार को देने वाला टैक्स)
किसी कंपनी के पास अगर ज्यादा कर्ज़ है तो उसे नकारात्मक रूप में देखा जाता है क्योंकि ज्यादा कर्ज़ होने से प्रॉफिट का पैसे कर्ज़ चुकाने में लगा जाता है जिससे उस कंपनी का ग्रोथ पोटेंशियल कम हो जाता है
