Filifkart की बायोग्रॉफी !

 Filifkart की बायोग्रॉफी !

2007 में सचिन बंसल और बिनी बंसल ने बुक बेचने से filifkart की शुरुआत की थी । आईटी दिल्ली में पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद सचिन बंसल और बिन्नी बंसल Amazon India (उस समय की Amazon की इंडिया टीम) में काम कर रहे थे । Amazon में काम करने के दौरान सचिन बंसल और बिन्नी बंसल को ई-कॉमर्स बिजनेस के बारे में काफी चीजें समझ आ चुकी थी सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने amazon में काम करते वक्त यह समझ लिया कि भारत में भी ई-कॉमर्स का भविष्य बहुत उज्जवल है । लेकिन उस समय भारत में ऑनलाइन शॉपिंग बहुत ही सीमित थी और लोग ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा नहीं करते थे क्योंकि उस समय भारत में ऑनलाइन शॉपिंग जैसा कोई भी बिजनेस नहीं था तब सचिन बंसल और बिनी बंसल इंडिया में रहकर amazon में काम करते थे लेकिन उस वक्त Amazon ने इंडिया में एंट्री नहीं की थी इसलिए सचिन बंसल और बिनी बंसल को लगा कि भारत में भी एक भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म होना चाहिए जहां लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर सके फिर सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने 2007 में amazon कम्पनी की जॉब छोड़ दी और फ्लिपकार्ट की शुरुआत की । जब सचिन बंसल और बिनी बंसल ने फ्लिपकार्ट की शुरुआत की तब भारत में लोग ऑनलाइन शॉपिंग पर भरोसा नहीं करते थे इसके लिए उन्होंने अपने स्मार्ट बिजनेस रणनीति के तहत उन लोगों को टारगेट किया जो लोग पढ़ाई कर रहे थे क्योंकि पढ़ाई करने वाले लोग बहुत हद तक समझदार होते हैं और वे इस तरह की ऑनलाइन और इंटरनेट जैसे चीजों पर विश्वास करते हैं इसलिए सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने स्टूडेंट को टारगेट किया सबसे पहले सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने किताब बेचने से फ्लिपकार्ट की शुरुआत की क्योंकि किताब वही खरीदते हैं जो लोग पढ़े लिखे होते हैं या फिर पढ़ाई कर रहे होते हैं । और पढ़े लिखे लोगों को या फिर पढ़ाई कर रहे लोगों को दुनिया के बारे में जानकारी होती है इसलिए उन्होंने सबसे पहले स्टूडेंट को टारगेट किया जो पढ़े लिखे थे या फिर पढ़ाई कर रहे थे इसके साथ-साथ सचिन बंसल और बिनी बंसल ने कैश ऑन डिलीवरी और रिटर्न जैसे फीचर्स को फ्लिपकार्ट में रख दिया इससे लोगों को और अधिक ट्रस्ट हो गया, लोगों को लगा कि पहले हमारे पास बुक्स आएगी उसके बाद हम पेमेंट करेंगे और अगर खराब बुक मिल गई तो हम उन्हें रिप्लेस या फिर रिटर्न भी कर सकते हैं । सचिन बंसल और बिनी बंसल सारा काम खुद हैंडल करते थे । ऑर्डर आने पर बुक्स को लोकल की दुकान से खरीदते थे, खुद पैक करते थे, स्कूटी या बाइक से खुद डिलीवरी करते थे, ईमेल का जवाब खुद देते थे, कस्टमर से खुद कॉल पर बात करते थे और जरुरत पड़ने पर कस्टमर से माफी भी मांगते थे मतलब वे दोनों सारा काम खुद करते थे उन दोनों के पास कोई टीम नहीं थी वे दोनों खुद ही थे जो सारा काम हैंडल करते थे । फ्लिपकार्ट को सबसे पहले फंडिंग 2009 में accel india द्वारा एक मिलियन डॉलर मिली और यहीं से फ्लिपकार्ट की असली ग्रोथ शुरू हुई । अभी तक फ्लिपकार्ट ने लगभग 18 बिलियन डॉलर की फंडिग Raise की है । आज फ्लिपकार्ट का मार्केट वैल्यूएशन लगभग 36 बिलियन डॉलर के आसपास है । फ्लिपकार्ट भले ही इतनी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी बन गई लेकिन सचिन बंसल और बिनी बंसल ने फ्लिपकार्ट कंपनी को छोड़ दिया 

Flipkart में 2018 में Walmart ने 77% हिस्सेदारी $16 बिलियन में खरीदी, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स अधिग्रहण बन गया। इस अधिग्रहण मेंWalmart ने कंपनी का नियंत्रण संभाला । Walmart ने केवल एक संस्थापक को बोर्ड में रखने का फैसला किया — बिन्नी बंसल को और सचिन बंसल को बोर्ड और कार्यकारी भूमिका से बाहर रखा गया । इससे सचिन बंसल नाखुश हुए और उन्होंने कंपनी से पूरी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलने का निर्णय लिया । और 2018 में सचिन बंसल ने कंपनी को छोड़ दी फ्लिपकार्ट में सचिन बंसल के जो हिस्सेदारी थे वह सब बेचकर सचिन बंसल लगभग $1 बिलियन (₹7,000 करोड़ रुपए) कमाए और फिर कुछ दिन बाद बिन्नी बंसल ने नवंबर 2018 में Flipkart से CEO पद की इस्तीफा दे दी और फिर पूरी कंपनी छोड़ दी । इसका कारण था कि Flipkart ने एक आंतरिक जांच के बाद बिन्नी बंसल से जुड़ी "व्यक्तिगत कदाचार (personal misconduct)" की शिकायत पर कार्रवाई की । हालांकि रिपोर्ट में यह कहा गया कि उनके खिलाफ आरोप पूरी तरह साबित नहीं हुए, फिर भी Flipkart और Walmart की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया । भले ही आज फ्लिपकार्ट में सचिन बंसल और बनी बंसल की कोई हिस्सेदारी नहीं लेकिन फिर भी फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन बंसल और बिनी बंसल ही कहलाएंगे 


Filifkart 



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