HCL Founder Shiv Nadar: एक ऐसा सफर जो हर इंसान को इंस्पायर कर देगा ।
अगर आप बिजनेस, टेक्नोलॉजी और सक्सेस स्टोरीज़ पढ़ना पसंद करते है तो शिव नादर की journey आपके लिए बहुत ही मोटिवेशनल होगी। कि कैसे वे एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने HCL जैसी दिग्गज IT कंपनी खड़ा कर दिया जो आज दुनिया के सबसे टॉप टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है। उनकी सफलता सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं रही, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति ला दी। शिव नादर का जन्म 14 जुलाई 1945 को मुल्लिपुझा, तमिलनाडु में हुआ था इनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था शिव नादर ने PSG College of Technology से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जो तमिलनाडु राज्य के कोयंबटूर (Coimbatore) शहर में स्थित है। उनको बच्चन से ही बिजनेस और टेक्नोलॉजी के प्रति रूचि बढ़ने लगा था और इसी रुचि के कारण आज HCL कंपनी दुनिया के टॉप 10 आईटी कंपनी में लिस्टेड है और यह भारत की चौथी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है । सो आज के इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि ' HCL' (Hindustan Computers Limited) कि शुरूवात कैसे हुआ था और ऐसी क्या सीक्रेट था जिसे वे अपना कर दुनिया के टॉप 10 आईटी कंपनियों में अपनी कंपनी को शामिल कर लिया ।
शिव नादर HCL कि शुरुवात
1970 के दशक में जब भारत मै कंप्यूटर टेक्नोलॉजी कि दुनिया नए थे उस समय कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी कि मै तेज़ी आ रहा था और ज़्यादातर कंपनी IBM और दूसरे विदेशी कंपनी मै निर्भर था शिव नादर एक कंप्यूटर इंजीनियरिंग वर्क्स, पुणे में इंजीनियर थे उन्हें सिर्फ एक जॉब तक सीमित रहना नहीं था उन्हें अपने जिवन में कुछ बड़ा करना था उस वक्त शिव नादर को यह महसूस हुआ कि भारत में या फ़िर पूरी दुनिया में IT और कंप्यूटर इंडस्ट्रीज का बहुत बड़ा भविष्य है इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का डिसिजन लिया फिर नौकरी छोड़कर 1976 में उन्होंने HCL ( Hindustan computer limited) की स्थापना अपने 5 दोस्तों के साथ मिलकर शुरू किया । जब उन्होंने शुरुआत किया तब उसके पास लगभग 1,87,000 रूपये थे जो किसी भी कंपनी को शुरूवात करने के लिए बहुत ही कम होता है लेकिन बिजनेस माइंडसेट वाले लोग किसी भी अवसर को हाथ से जाने नहीं देते हैं इसी माइंडसेट के साथ उन्होंने HCL का शुरुआत किया । शिव नादर ने भले ही कंपनी की शुरूवात एक छोटे से कमरे से किया लेकिन उनका सपना भारत मै स्वदेशी और ग्लोबल लेवल तक पहुंचने को था और देखते ही देखते HCL ने 1978 में अपना पहला माइक्रो कंप्यूटर लॉन्च किया, जब बाकी दुनिया के लोग IBM बड़े मेनफ्रेम कंप्यूटर पर निर्भर थी । इन्होंने धीरे धीरे इंटरनेशनल मार्केट को भी कवर करने को सोचा और अंततः 1980 में HCL ने इंटरनेशनल मार्केट में एंट्री किया । HCL ने पहला इंटरनेशनल ऑपरेशन सिंगापुर में शुरू किया 1980 मै HCL ने भारत का पहला UNIX-बेस्ड कंप्यूटर लॉन्च किया यह पूरे तरह से HCL के द्वारा विकसित किया गया था और इसका नाम "HCL UNIX" था यह कंप्यूटर UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित था और इसका उपयोग विभिन्न उद्योगों, शैक्षिक संस्थानों और सरकारी संगठनों में किया गया था इस वज़ह से UNIX-बेस्ड कंप्यूटर ने भारत में कंप्यूटर क्रांति को और भी तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश में आईटी उद्योग के विकास में योगदान दिया। HCL ने HCL Technologies नाम से एक नई कंपनी बनाई । जो विभिन्न सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और डिजिटल सॉल्यूशंस प्रदान करती है
HCL धीरे धीरे सॉफ्टवेयर से हार्डवेयर दोनों क्षेत्रों में काम करने लगा और 1990 के दशक में HCL technologies ने अपना IPO लॉन्च किया जिससे HCL दुनिया के टॉप IT कंपनी मै काउंट होने लगा। आइए समझते हैं की शिव नादर ने कैसे इस बड़े कंपनी को बनाया , इसके पिछे क्या सबसे बड़े सीक्रेट्स थे ।
1. "Innovation First" Strategy – हमेशा नई टेक्नोलॉजी पर फोकस किया।
किसी भी कंपनी को ग्रो करने के लिए ये ज़रूरी होता है कि यूज़र के सभी समस्या को गहराई से विश्लेषण करना ताकि इस्तेमाल करने मै कोई भी समस्या न हो शिव नादर और उसके टीम को ये पता था कि अगर HCL को ग्रो करना है और मार्केट में टीके रहना है तो नए टेक्नोलॉजी मे innovation करना ज़रूरी है शिव नादर को अच्छे से पता था कि अगर कोई कंपनी innovation पर ध्यान नहीं देता है तो उसका जगह कोई और ले लेता है और कंपनी पुरी तरह से बर्बाद हो जाता है । टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए इनोवेशन पर ध्यान देना बहुत ज्यादा जरूरी है तभी टेक्नोलॉजी मै आगे बढ़ना संभव है इसको समझने के लिए सबसे बेस्ट एग्जांपल है Nokia है । एक समय में nokia दुनियां मै सबसे ज्यादा मोबाइल फोन बेचता था Nokia का फोन सभी को पसंद आता था कंपनी के ऑनर ने नए innovation पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया । मोबाइल के ट्रेंड को नहीं समझा वह अपने मन से मोबाइल को बनाता था जो यूज़र को बिल्कुल भी पसंद नहीं आता था जिससे वे धीरे धीरे मार्केट से बाहर हो गया ।
2. "Global Thinking, Local Execution" – भारत से निकलकर इंटरनेशनल मार्केट पर फोकस किया।
किसी भी कंपनी को बहुत बड़ा ब्रांड बनाने के लिए ये ज़रूरी होता है की लोकल के अलावा ग्लोबल मार्केट पर भी फॉक्स किया जाए कंपनी को लोकल मार्केट से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने के लिया एक पूरा स्ट्रेटर्जी बनाया जाए ताकि ग्लोबल लेवल तक पहुंच सकें 2000 के दशक में जब Infosys और TCS company' ग्लोबल मार्केट में तेज़ी से आगे बढ़ने लगा,दोनों कंपनी ग्लोबल मार्केट मै तेज़ी से फैलने लगा तो शिव नादर ने सोचा कि HCL को भी इंटरनेशनल बिजनेस में और तेजी लाने की जरूरत है 2008 मै HCL ने अमेरिका और यूरोप की बड़ी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर लिया इसके बाद उन्होंने CSC (Computer Sciences Corporation), Deutsche Bank और Boeing जैसी कंपनियाँ HCL की क्लाइंट बन गईं जिससे उसको मार्केटिंग और Employees ट्रेन किया जिससे ग्लोबल स्टैंडर्ड पर सर्विस देने लगा जिस वजह से HCL का revenue और तेज़ी से बढ़ने लगा ।
3 एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट (Focusing on Education & Skill Development)
भारत में टेक्नोलॉजी का क्रेज उतना ज्यादा नहीं था । यहां टेक्नोलॉजी का मार्केट बहुत छोटा है । इसके लिए शिवनादर ने एक बेस्ट रणनीति अपनाई जिससे भारत में HCL जैसे टेक्नोलोजी कंपनी का मार्केट पहले से बहुत बड़ा हो गया । आइए शिव नादर के इन रणनीतियों को एक-एक करके समझते हैं
1. SSN कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (SSN College of Engineering, Chennai)
1996 में शिव नादर ने SSN कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जो चेन्नई में स्थित है यह कॉलेज आज भारत के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक बन गए
इस कॉलेज का मकसद टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना था । इस कॉलेज के कारण लोगों के मन में टेक्नोलॉजी और इन्नोवेशन के प्रति रुचि आया और भारत में इससे टेक्नोलॉजी का मार्केट बहुत हद तक बढ़ा । इस कॉलेज से कई HCL कर्मचारी और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स पढ़कर निकले हैं।
2. HCL टेक बी (HCL TechBee - Early Career Program)
2017 में शिव नादर ने HCL TechBee - Early career Program की शुरुआत की थी इसका मकसद युवाओं को कम उम्र में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है।
12वीं के बाद जो छात्र इंजीनियरिंग या अन्य उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं लेकिन टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उनके लिए यह बेस्ट है । यहां
छात्रों को IT और डिजिटल स्किल्स सिखाई जाती हैं और उन्हें HCL में जॉब ऑफर की जाती है। इस प्रोग्राम से भी भारत में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति आया । लोगों का टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि बढ़ाने लगा और भारत में टेक्नोलॉजी का मार्केट भी बढ़ा ।
तो इस तरह से शिव नादर ने टेक्नोलोजी के क्षेत्र में एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट करके भारत में टेक्नोलॉजी का एक बड़ा क्रेज लाया
जिससे भारत में HCL जैसे टेक्नोलॉजी कंपनी का ग्रोथ और तेज हो गया ।
