"भारत की 5 सबसे बड़ी IT कंपनियाँ जो दुनिया पर राज कर रही हैं!"

 "भारत की 5 सबसे बड़ी IT कंपनियाँ जो दुनिया पर राज कर रही हैं!"


   ( 1 )  TCS 

पूरा नाम: Tata Consultancy Services (TCS)

  स्थापना: 1968

 संस्थापक: जे. आर. डी. टाटा (J.R.D. Tata) और फकीर चंद   कोहली (F.C. Kohli)

 मुख्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

 स्टॉक लिस्टिंग: BSE (Bombay Stock Exchange) और NSE (National Stock Exchange) पर लिस्टेड

 TCS कि शुरुवात कैसे हुआ था 

  TCS कि शुरुवात 1968 में हुआ था इसे J.R.D.Tata और F.C.Kohli ने शुरू किया था । 1960 के दशक में जब भारत में IT सैक्टर लगभग न के बराबर था उस वक्त ज्यादातर विदेशी कम्पनियों का दबदबा था IBM जैसे विदेशी कंपनी ऑपरेट कर रहा था तो TATA GROUP ने IT सर्विस कंपनी बनाने का फैसला किया जो भारतीय कंपनी के लिए डिजिटल सर्विस देगा इस तरह कंपनी की शुरूवात हुई और F.C.Kohli कंपनी का पहला CEO बने । TCS का पहला क्लाइंट TATA STEEL (TISCO) था इसके लिए इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया ओर इसके बाद 1970 में TCS ने CENTRAL BANK OF INDIA के लिए पहला बैंकिंग सॉफ्टवेयर बनाया ।

TCS का बिज़नस मॉडल - यह पैसे कैसे कामता है?

  TCS एक सर्विस-बेस्ड (Service-Based) IT कंपनी है, जो आईटी सेवाएँ, कंसल्टिंग, और डिजिटल सॉल्यूशंस ऑफर करके पैसे कमाती है। इसका रेवेन्यू मुख्य रूप से B2B (Business to Business) मॉडल पर आधारित है, जिसमें यह बड़ी कंपनियों, बैंकों, हेल्थकेयर सेक्टर और सरकारी संगठनों को टेक्नोलॉजी सर्विसेज देती है यह मुख्य रुप से सर्विस पर निर्भर है यह प्रॉडक्ट पर थोड़ा कम ध्यान देता है इसका मुख्य Revenue सर्विस से आता है इसका 30% Revenue (BFSI) Banking Financial service & insurance से आता है Health care & Life Science से 15% आता है Telicon & Media से 10% और Retial & Consumer 15% आता है etc.

                  ( 2 ) Infosys 

 पूरा नाम: Infosys Limited

स्थापना: 2 जुलाई 1981

 संस्थापक: नारायण मूर्ति (Narayana Murthy) और 6 अन्य सह-संस्थापक

मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत

 स्टॉक लिस्टिंग: BSE और NSE 

 Infosys कि शुरुआत कैसे हुआ था 

 Infosys कि शुरुआत एक छोटी सी स्टार्टअप के रूप में हुआ था इस कंपनी की शुरुआत 1981 में हुई थी । भारत मै IT इंडस्ट्री में क्रांति लाने एवं अच्छे सर्विस देने का सपना देखा कर नारायण मूर्ति (Narayana Murthy) एवं उसके 6 सहपाठी ने Infosys का शुरुआत किया था नारायण मूर्ति कहते हैं कि "सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते।" ये कहावत में इसलिए कहा रहा हुं क्योंकि जब कंपनी की शुरुआत हुई थी तब उसके पास मात्रा 10000 रूपए थे और इसी 10000 रूपए की पूंजी से नारायण मूर्ति ने कंपनी की शुरूवात की थी और आज Infosys बिलियन डॉलर कि कंपनी बन चुकी है ।

2 Infosys का बिज़नस मॉडल - यह पैसे कैसे कामता है?

Infosys एक सर्विस-बेस्ड कंपनी (Service-Based Company) है, जो आईटी कंसल्टिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी सेवाएँ देती है। इसका बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से B2B (Business-to-Business) पर आधारित है, यानी यह बड़ी कंपनियों और सरकारों को अपनी सेवाएँ बेचती है।

यह मुख्य रूप आईटी सर्विसेज और डिजिटल सॉल्यूशंस देता है ये सेवाएँ बड़ी कंपनियों, बैंकिंग सेक्टर, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी संस्थानों को दी जाती हैं।

इसका मुख्य Revenue कंपनियों को टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस देने से आता है यह एप्लिकेशन डेवलपमेंट और मेंटेनेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी – कंपनियों के डेटा और क्लाउड सर्विसेज को मैनेज करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस – बड़ी कंपनियों को डेटा ड्रिवन डिसीजन लेने में मदद करती है। Etc

         (  3 )  HCL Technology 

पूरा नाम: HCL Technologies Limited

स्थापना: 11 अगस्त 1976

संस्थापक: शिव नादर (Shiv Nadar)

मुख्यालय: नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत

स्टॉक लिस्टिंग: BSE और NSE पर लिस्टेड

     HCL कि शुरुआत कैसे हुआ था 

1970 के दशक में जब भारत मै कंप्यूटर टेक्नोलॉजी कि दुनिया नए थे उस समय कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी मै तेज़ी आ रहा था और ज़्यादातर कंपनी IBM और दूसरे विदेशी कंपनी मै निर्भर था शिव नादर एक कंप्यूटर इंजीनियरिंग वर्क्स, पुणे में इंजीनियर थे उन्हें सिर्फ एक जॉब तक सीमित नहीं रहना था उन्हें अपने जिवन में कुछ बड़ा करना था उस वक्त शिव नादर को यह महसूस हुआ कि भारत में या फ़िर पूरी दुनिया में IT और कंप्यूटर इंडस्ट्रीज का बहुत बड़ा भविष्य है इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ने का डिसिजन लिया फिर नौकरी छोड़कर 1976 में उन्होंने HCL ( Hindustan computer limited) की स्थापना अपने 5 दोस्तों के साथ मिलकर शुरू किया।             

                       ( 4 ) Wipro 

पूरा नाम: Western India Palm Refined Oils limited 

संस्थापक: अजीम प्रेमजी

स्थापना: 1945

मुख्यालय: बैंगलोर, कर्नाटक, भारत

Wipro का शुरूवात 29 दिसंबर 1945 में हुआ था शुरू मे ये वेजिटेबल ऑयल और कंज्यूमर प्रोडक्ट बनता था इन्होने शुरुआत तो FMCG (Fast-Moving Consumer Goods)

से किया था जिसमें इसका मुख्य बिजनेस सनफ्लावर और वानस्पति तेल का था इस कंपनी का शुरू मोहम्मद हाशिम प्रेमजी ने किया था लेकिन उनके गुजर जाने के बाद उसके बेटे अजीम प्रेमजी ने कंपनी का जिम्मेदारी संभाल। उस समय वे 21 साल के थे उनको महसूस हुआ कि भारत में टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर इंडस्ट्री का भविष्य बहुत बड़ा है और ये तेज़ी से बढ़ता जा रहा है 

ओर उसके बाद उन्होंने 1980 के दशक में आईटी और कंप्यूटर हार्डवेयर बिजनेस करने का तय किया और उन्होंने इस टेक्नोलॉजी कि दुनिया में छलांग मारा उसका बाद 1990 के दशक में यह एक पूर्ण रूप से आईटी सर्विस और कंसल्टिंग कंपनी बन गई इस कंपनी को बड़ी ग्रोथ तब मिली  जब IBM company'को कुछ करना से भारत से बाहर जाना पड़ा यह समय Wipro के लिए बहुत बड़ा मौका बना क्योंकि IBM को जाने से थोड़ा कॉम्पिटिशन कम हो गया । 1995  में, Wipro ने सॉफ्टवेयर सर्विसेज में एंट्री की और ग्लोबल क्लाइंट्स को सेवाएँ देना शुरू किया जिससे कंपनी का और ज्यादा ग्रोथ होने लगा इस तरह wipro भारत का सबसे बड़ा IT कंपनी मै से एक बना 

           ( 5 )  Tech Mahindra 

पूरा नाम: Tech Mahindra Limited

संस्थापक: आनंद महिंद्रा

स्थापना: 24 अक्टूबर 1986

मुख्यालय: पुणे, महाराष्ट्र, भारत

स्टॉक लिस्टिंग: BSE और BSE 

Tech Mahindra का शुरूवात कैसे हुआ था? 

Tech Mahindra का स्थापना 24 अक्टूबर 1986 को हुआ था इसे Mahindra group और British Telecom (BT) दोनों ने मिला कर लॉन्च किया था शुरुआत मे यह Mahindra-British Telecom Limited (MBT)" के नाम से जाना जाता था

ब्रिटिश टेलीकॉम के पास 30% हिस्सेदारी था जिसे बाद में Mahindra group ने ख़रीद लिया । 2006 मैं इसका नाम Mahindra-British Telecom Limited (MBT) से बदला कर Tech Mahindra रखा दिया गया Tech Mahindra की शुरुआत मुख्य रूप से टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए आईटी सर्विसेज देने के लिए हुई थी धीरे धीरे यह टेलिकॉम कंपनियों को नेटवर्क मैनेजमेंट और आईटी सपोर्ट सर्विसेज देने लगी । और ग्रोथ मिलने पर ये सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) में एंट्री करने लगा 2009 मै Satyam Computers को Tech Mahindra ने ख़रीद लिया जिससे यह भारत के टॉप IT कंपनियों में शामिल हो गया



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