Ajay Piramal: हेल्थकेयर इंडस्ट्री को grow कैसे किया
भारत की फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर इंडस्ट्री में Ajay Piramal ka बहुत बड़ा नाम है इन्होंने अपने मेहनत से कंपनी को गेम चेंजर बनाया न सिर्फ अपने बिज़नेस को एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में सफलतापूर्वक ट्रांसफॉर्म किया, बल्कि इंडस्ट्री के नियम भी बदल दिए।
1. शुरुआत: जब सब कुछ बिखर रहा था
1984 में अजय पीरामल के पिता एवं उनके बड़े भाई का कैंसर के कारण निधन हो गया था जब उनके पिता और बड़े भाई का निधन हुआ था पीरामल की उम्र 29 साल था और परिवार का टेक्सटाइल बिज़नस बढ़िया से नहीं चला रहा था उनका परिवार का बिज़नस बहुत ही जायदा मुश्किल मै था क्योंकि एक ही परिवार के दो-दो सदस्य जो पुरे business को हैंडल कर रहे थे उन दोनों की मौत हो गई उसे वक्त अजय पीरामल अकेले हो गए लेकिन उन्होंने हर नहीं मानी उन्होंने बिज़नस के नए नए स्ट्रेटजी बनाया है और कोशिश करता रहा यहीं से उनका असली सफर शुरू हुआ।
2. फार्मा में पहला बड़ा कदम: Nicholas Laboratories की खरीद
1988 में अजय पीरामल ने Nicholas Laboratories को 16 करोड़ में खरीदा लिया उस समय के लोगो इस डिसीजन k पूरा criticism कर रहे थे अजय पीरामल के इस फैसले को लोगों ने पागलपन कहा और जोर जोर से criticism किया लेकिन अजय को अपने डिसीजन पर पूरा भरोसा था इसको उसने एक अवसर कि तरह देखा और ख़ुद को सही साबित करने में लग गए इसके बाद उन्होंने Nicholas को एक मल्टीनेशनल फार्मा कंपनी में बदल दिया
3. ग्लोबल थिंकिंग, इंडियन रूट्स
Ajay Piramal ने Healthcare में जल्द ही अमेरिका, यूरोप और जापान में भी ऑपरेशंस शुरू किए।
उनका फोकस था — Innovation + Affordability
उन्होंने रिसर्च और डेवलपमेंट पर भारी निवेश किया, ताकि भारत में बनी दवाएं ग्लोबल स्टैंडर्ड पर खरी उतरें।
4. 2010 का टर्निंग पॉइंट: Abbott को डील
Highlight Deal:
Piramal Healthcare ने Abbott को ₹17,000 करोड़ में बेचा Ajay Piramal ने अपनी कंपनी Piramal Healthcare का Domestic Formulations Business यानी भारत में बनने और बिकने वाली दवाओं का बिज़नेस, अमेरिकी कंपनी Abbott Laboratories को ₹17,000 करोड़ ($3.72 Billion USD) में कंपनी का एक बड़ा हिस्सा बेच दिया। उसके बाद कंपनी का नाम Piramal Enterprises पड़ा जब अजय ने कंपनी के बड़ा हिस्सा बेचा तो लोगों को लगा कि वे कंपनी छोड़ रहे है लेकिन वे पूरे हेल्थकेयर का फ्यूचर देख रहे थे ।
5. हेल्थकेयर इनसाइट्स और डाटा एनालिटिक्स में प्रवेश
डील के बाद उन्होंने Piramal Enterprises के ज़रिए हेल्थकेयर डाटा, एनालिटिक्स, और रिसर्च पर फोकस किया।
उन्होंने समझा कि भविष्य डिजिटल हेल्थ, AI आधारित चिकित्सा, और डेटा-ड्रिवन डिसिजन मेकिंग में है।
6. Social Impact: Piramal Foundation के ज़रिए बदलाव
Piramal Foundation ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं,ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा और महिलाओं एवं बच्चों की देखभाल में क्रांतिकारी बदलाव किए वह समाजिक सुधार मै हमेशा आगे रहते थे अजय पीरामल का मानना है हेल्थकेयर को सिर्फ़ कमाई के स्रोत कि तरह नहीं देखना चाहिए बल्कि समाज सेवा कि तरह देखना चाहिए
