Lachhman Das Mittal: एक साधारण इंसान से ट्रैक्टर किंग बनने की जीवन यात्रा

 Lachhman Das Mittal: एक साधारण इंसान से ट्रैक्टर किंग बनने की जीवन यात्रा



नाम: Lachhman Das Mittal

जन्म: अगस्त 1931

जन्मस्थान: होशियारपुर, पंजाब, भारत

उम्र: 93 वर्ष (2025 तक)

पद: संस्थापक और चेयरमैन – Sonalika Group

उद्योग: कृषि यंत्र एवं ट्रैक्टर निर्माण

                 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

Lachhman Das Mittal का जन्म एक साधरण पंजाबी परिवार में हुआ था । उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेज़ी और उर्दू में M.A. किया। 

       करियर की शुरुआत एक LIC एजेंट के रूप में

शिक्षा ख़त्म होने के बाद Lachhman Das Mittal ने एक प्राइवेट कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) में नौकरी शुरू किया लेकिन उनका सपना सिर्फ़ नौकरी करने का नहीं था वह अपने जिंदगी में कुछ ऐसा करना चाहता था जो मिसाल बन जाए इसलिए उसने नौकरी करने के साथ साथ उसने अपने प्रोफेशनल करियर को शुरुआत किया वह अपने काम को लेकर बहुत मेहनती था इसलिए वो LIC के टॉप परफॉर्मर्स कर्मचारी में से एक बन गए जिससे उन्होंने 'ग्राउंड लेवल मार्केटिंग', 'ग्राहक विश्वास' और 'सेल्स कि टेक्नीक सिखा गए वह एक जगह पर रुकना नहीं चाहते थे इसलिए वे कुछ न कुछ सीखते रहते थे ।

   बिज़नेस की ओर पहला कदम – गेहूं थ्रेशर से शुरू

Lachhman Das Mittal जब 60 साल की हो गया तो ये LIC से रिटायरमेंट ले लिया तब उनके पास कोई बड़ा बिज़नस प्लान नहीं था उसके मन में एक बिज़नस आइडिया था जो उसको शुरुआत करने के लिया अंदर से चेन से बैठने नहीं देता था उन्होंने देखा कि उनके इलाके मै किसान फसल कटाई के बाद थ्रेशिंग (अनाज अलग करने) के लिए बहुत परेशानी होते है उसी समय उन्होंने सोचा कि में एक ऐसा थ्रेशर बनाऊँ जो सस्ता, टिकाऊ और किसानों के काम का हो अगर ऐसा बना लूं तो शायद मैं उनकी मदद कर सकूँ और एक बिज़नस भी खड़ा कर सकूं इसी माइंडसेट के साथ उन्होंने गेहूं थ्रेशर बनाने कि शुरुआत किया उन्होंने स्थानीय लेवल पर मशीन डिज़ाइन किया इसकी कीमत बहुत कम रखी ताकि आम किसना भी खरीदा सके उन्होंने इसे पूरा हाई परफॉर्मेंस बनाने और लो मेंटेनेंस पर फोकस किया Lachhman Das Mittal ने इसका प्रमोशन ख़ुद गांव गांव जाकर किया और किसानों से फीडबैक लिया लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा धीरे धीरे उन्हें बहुत परेशानियां आने लगे यह बहुत घटा मै जाने लगा यह दिवालिया होने के कगार पर आ गया था लेकिन उन्होंने हार नहीं बना वह अच्छे से जानते थे कि हर बिज़नस मै कभी न कभी डाउनफॉल आता है उसे ख़ुद पर भरोसा था फ़िर पहला थ्रेशर बिका, फिर दूसरा फिर सैकड़ों। थ्रेशर की सफलता के बाद उन्होंने अपनी कंपनी को नाम दिया Sonalika Group सही से Sonalika Group का जन्म हुआ।

              Sonalika Group की शुरुआत 

Lachhman Das Mittal को गेहूं थ्रेशर से बहुत कुछ सिखा वे इसको और तेज़ी से आगे बढ़ना चाहता था उन्होंने देखो कि किसानों को खेती करने के लिए सिर्फ़ थ्रेशर नहीं चाहिए बल्कि उनके खेती का पूरा उपकरण चाहिए यहीं से उसके माइंड एक नई सोचा आए कि अब सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि पूरा farm solution देना है उसके बाद Sonalika Group को रजिस्टर्ड करवाया 1996 में Sonalika ने अपना पहला ट्रैक्टर लॉन्च किया। इसकी बड़ी खासियत यह थी कि इसका क़ीमत सस्ता था ईंधन की कम खपत होता था यह छोटे किसानों के लिए भी उपयोगी था और इसकी डिज़ाइन पूरे तरह भारत के खेतों के अनुसार तैयार किया गया था जिससे किसान को ये पूरा पसंद आया ये ट्रैक्टर आते ही इसका डिमांड हाई हो गई। धीरे धीरे इन्होंने ट्रैक्टर बिज़नेस को एक इंडस्ट्री की तरह स्केल किया गया मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने लगे होशियारपुर (पंजाब) में एक बड़ा प्लांट बनाया, जो आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर फैक्ट्री बनी। नए नए ओर Distribution नेटवर्क बनाया और Innovation एवं Technology पर ध्यान देने लगें और धीरे धीरे विदेशों में भी Export करने लगे जिससे इनकी और ज्यादा सफलता मिली आज Sonalika Group भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी है। 

जहां अधिकतर लोग रिटायरमेंट होने के बाद बाकी जीवन को अच्छे से जीना चाहता है सभी लोगों का सपना होता हैं कि बुढ़ापा बढ़िया से बीते लेकिन Lachhman Das Mittal का मानसिकता ऐसा नहीं था उसकी सोचा हमेशा कुछ करने का था ख़ुद से हमेशा कहता था कि मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनमें कुछ करने की ज़िद होती है उनकी यही सोचा उनको अरबपति बनाया 

Previous Post Next Post

Contact Form