Sonalika Tractors की Secret Growth Strategy: जो हर enterpiner को जानना चाहिए।
1. ग्रामीण Mindset को Decode करना
Sonalika ने सबसे पहले भारतीय किसानों के जरूरत को अच्छे से समझा जहां दूसरे ट्रैक्टर ब्रांड सिर्फ़ प्रॉडक्ट बेचने कि सोचती थी दूसरे कंपनी सिर्फ़ प्रॉडक्ट कैसे बेचे इस पर ध्यान देते थे लेकिन sonalika ने पहचाना कि किसानों के लिए ट्रैक्टर सिर्फ़ एक मशीन नहीं होता है वह उसके सपनों, उसकी मेहनत और आने वाले उसकी भविष्य का साथी होता है sonlika ने ग्रामीण किसानों के जरूरत को अच्छे से समझा उसको पता थे कि किसानों को ज्यादा टिकाऊपन, भरोसे और कम कीमत में बढ़िया कि तलाश होता है उसे फैन्सी फीचर्स नहीं, बल्कि रियल परफॉर्मेंस देने वाला कि जरूरत होता हैं उन्होंने देखा कि जब एक किसना ट्रैक्टर खरीदने जाता है तो वे उसके साथ एक इमोशनल कन्सेशन बनता है वो एक practical रूप में देखते है कि कम कीमत में बढ़िया मिले ज्यादा काम हो और लंबी चलने वाला मिले उनका एक स्लोगन बहुत प्रसिद्ध है “साथी, सेवक और समाधान” यह साथी का मतलब है sonalika ने ख़ुद को बड़ा ब्रांड नहीं बल्कि किसानों के सफ़र का साथी मानता है जब किसना सुबह खेती करने के लिए निकलता है तो उसका पहला भरोसा होता है उसका ट्रैक्टर चाहे खेत से जुताई करना हो बुआई, कटाई या मॉल ढोना हो हर काम में ट्रैक्टर उसका असली पार्टनर है इसलिए sonalika ने अपने ट्रैक्टर को हर मौसम और हर जरूरत के अनुकुल बनाया ताकि किसान को लगे कि ये ब्रांड हर वक़्त उसके साथ खड़ा है Sonalika सेवा को सबसे बड़ी वैल्यू मानता है दूसरे कंपनी सिर्फ़ अपने प्रॉडक्ट का शान दिखता है किसानों के समस्या पर ध्यान नहीं देता है वहीं Sonalika कहता है "हम तुम्हारी सेवा में हैं" Sonalika अच्छे से जानता था कि किसानों के समस्या अनेक है जैसे खेती में ज्यादा लगता मुनाफा कम, ट्रैक्टर महंगे मेंटेनेंस जायद इसलिए sonlika ने कहा "हम ट्रैक्टर नहीं, समाधान देंगे जिससे किसानों को ये पसंदीदा ब्रांड बना गया।
2. Late Entry को एक अवसर में बदलन
जब sonalika ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री किया तब उससे पहले इस बड़े ब्रांड इस इंडस्ट्री में मौजूद था पहले से वे अपने पकड़ा मज़बूत बनाए हुए थे किसी भी इंडस्ट्री में देर से आना एक disadvantage के रूप में देखा जाता है क्योंकि ग्राहक पहले से उस ब्रांड से कॉन्टेक्ट होता है जिससे वे जल्दी दूसरे ब्रांड को लेना पसंद नहीं करता है और डीलर अपने नेटवर्क जमाए हुए रहते है लेकिन Sonalika ने इस लेट एंट्री को एक opportunity कि तरह देखा उन्होंने मार्केट को गैप को पहचान sonalika जानता था कि जहां गैप होता है वहां मौका होता है उन्होंने देखा कि बड़े ब्रांड केवल high-end, ज़्यादा HP वाले महंगे ट्रैक्टर बना रहे है जिससे उनको मार्केट के खाली जगह को पहचाना उन्होंने देखा कि भारत मै ज्याददार छोटे खेती करने वाले किसना हैं जिनकी बजट सीमित होते है जो फ्यूल एफिशिएंसी और सिंपल टेक्नोलॉजी वाला ट्रैक्टर चाहते थे इसके बाद Sonalika ने Low HP ट्रैक्टर्स बनाए (20–50 HP) जो छोटे खेतों के लिए परफेक्ट, सिम्पल डिज़ाइन, आसान रिपेयर जिससे किसान कहे “ये तो मेरे लिए बना है जिससे sonalika का ये मॉडल पूरा हिट हुआ और तेज़ी से ग्रो हुआ और कुछ ही सालों में Sonalika बना India का Fastest Growing Tractor Brand ।
3. गांव से ग्लोबल तक “Village-to-Global” Vision
Sonalika Group ने बिज़नस का शुरुआत गंवा से किया लेकिन उसका नज़र ग्लोबल लेवल तक पहुंचाने का था उन्होंने पहले लेवल मार्केट को कवर किया फ़िर धीरे धीरे पूरा देश में अपना पकड़ मज़बूत बनाया उनके बाद उन्होने Developing Countries को टार्गेट किया जिसे नेपाल,बांग्लादेश अफ्रीका देशों में वहां के जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जो बहुत सफ़ल रहा और ख़ुद का Export Ecosystem तैयार किया।
4. In-House Manufacturing Ecosystem
Sonalika को तेज़ी से सफ़लता मिलने का सबसे बड़ा रहस्य यह है उनका “In-House Manufacturing Ecosystem”, जिसे बिज़नेस की भाषा में Vertically Integrated Manufacturing System कहते है अगर साधारण भाषा में समझें तो अपने इंडस्ट्री से रिलेटेड सभी चीज़ को ख़ुद बनाना, उसको ख़ुद कंट्रोल करना एवं प्रोडक्ट को ख़ुद ही असेंबल करना और ख़ुद ही डिलीवरी करना सभी चीजों को ख़ुद से बनाने से क्वालिटी, कीमत, और टाइम पर बनाना सब कंपनी के कंट्रोल में होते हैं है बाहर से पार्ट्स नहीं खरीदने से खर्चे कम हो जाता है quality को हर स्टेज पर आसनी से टेस्टिंग हो जाता है जिससे डिफेक्ट लगभग न के बराबर होता है ज्यादा और तेज़ी से इनोवेशन होता हैं सभी चीज़ को ख़ुद बनाने से इनोवेशन और बदलाव आसान हो जाता है जिससे किसानों के फीडबैक को समझा कर आसनी नए डिजाइन हो जाता है।
5. Technology को किसान के हिसाब से ढालना
किसी भी कंपनी का लंबे समय तक टिके रहने का सबसे बड़ा गुप्त फॉर्मूला होता है ख़ुद को Technology के साथ अपडेट रखते है Sonalika टेक्नोलॉजी पर ध्यान दिया पर अलग तरीके से उसने पहले ही समझा गया था कि एक आम किसना ज्यादा पढ़ें लिखे नहीं होते है उसका काम खेती है, मशीनरी की तकनीकी नहीं इसलिए उनको एक ऐसा ट्रैक्टर चाहिए जो यूज़ करने में आसना हो और उसे सीखने में ज्यादा समय न लगें इसलिए उन्होंने बनाया एक Easy Dashboard बनाया जिससे कम बटन ओर सिंपल फंक्शन हो Manual + Semi-Auto Controls जिससे किसान आसानी से सीख सके जिससे किसानों इसे बढ़िया से इस्तेमाल कर पाते है जिस वजह से हर किसान का पसंदीदा बन जाता है।
6. Emotional Brand Building
Sonalika सबसे बड़ी स्ट्रैटेजी यह रही कि उन्होंने अपने ग्राहक के साथ एक इमोशनल कन्सेशन बनाया जिससे ग्राहक इसके साथ जुड़ते गया उन्होंने ट्रैक्टर को एक मशीन नहीं बल्कि किसान कि एक उम्मीद, इज़्ज़त और जीवन का हिस्सा के तरह दिखाया उन्होंने बताया कि अब खेती करना आसनी होगा जब ख़ुद का अपना ट्रैक्टर होगा तो खेती करने के लिए दूसरे पर निर्भर नहीं होना होगा sonalika अपने मार्केटिंग से यह संदेश दे रहा था कि “हम कंपनी नहीं, किसान के साथी हैं” उन्होंने मार्केटिंग में किसान का संघर्ष और सफ़लता दोनों दिखाया जिससे किसान ख़ुद से कनेक्ट किया और लगा कि ये ब्रांड मेरा दर्द समझता है और मेरा सपना भी जिससे किसानों का इस पर भरोसा बना गया।
